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भारत में EV क्रांति को बढ़ावा: सरकार ने 4,874 नए चार्जिंग स्टेशन लगाने को दी मंजूरी

भारत में EV क्रांति को बढ़ावा: सरकार ने 4,874 नए चार्जिंग स्टेशन लगाने को दी मंजूरी

भारत में EV क्रांति को बढ़ावा: सरकार ने 4,874 नए चार्जिंग स्टेशन लगाने को दी मंजूरी

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने देशभर में 4,874 नए EV चार्जर्स लगाने के लिए ₹503.86 करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। यह फैसला EV इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

किन राज्यों में लगाए जाएंगे नए चार्जर?

सरकार द्वारा मंजूर किए गए ये चार्जिंग स्टेशन देश के कई बड़े राज्यों में लगाए जाएंगे। इनमें राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु शामिल हैं।

इन चार्जर्स की स्थापना का काम सरकारी तेल कंपनियों को सौंपा गया है, जिनमें Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum शामिल हैं।

PM E-Drive योजना के तहत होगा विकास

यह पूरा प्रोजेक्ट सरकार की PM E-Drive योजना के तहत किया जा रहा है। इस योजना का कुल बजट ₹10,900 करोड़ है, जिसका उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा देना है।

योजना के तहत बजट का वितरण इस प्रकार किया गया है:

सभी तरह के EV को मिलेगा सपोर्ट

सरकार द्वारा लगाए जाने वाले ये चार्जर्स केवल कारों के लिए ही नहीं होंगे, बल्कि सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों को सपोर्ट करेंगे।

इनमें शामिल हैं:

कर्नाटक को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

नई योजना के तहत कर्नाटक में सबसे ज्यादा 1,243 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। इसके लिए लगभग ₹123.26 करोड़ का बजट तय किया गया है।

यह घोषणा केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री H. D. Kumaraswamy ने बेंगलुरु में आयोजित नेशनल EV चार्जिंग कॉन्फ्रेंस के दौरान की।

पहले से लगे हैं हजारों चार्जर

सरकार पहले भी EV इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर चुकी है। FAME II Scheme के तहत देशभर में 8,932 EV चार्जर लगाए जा चुके हैं।

इन चार्जर्स के लिए सरकार ने ₹873.5 करोड़ की सब्सिडी भी दी थी।

जल्द आएगा ‘Unified Bharat e-Charge’ ऐप

EV यूजर्स की सुविधा के लिए सरकार एक नया ऐप भी लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जिसका नाम ‘Unified Bharat e-Charge (UBC)’ होगा।

इस ऐप के जरिए यूजर्स:

सरकार का मानना है कि यह ऐप UPI की तरह EV सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकता है।

निष्कर्ष

भारत सरकार का यह कदम EV सेक्टर को नई रफ्तार देने वाला साबित हो सकता है। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से लोगों का भरोसा इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ेगा और आने वाले समय में EV अपनाने की गति और तेज हो सकती है।

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